Vat tax
Rajeev Tiwari
टैली में वैट टैक्स क्या है, वैट टैक्स कैसे काम करता है, और टैली में वैट टैक्स एंट्री कैसे करे
वैसे तो सारे इन डायरेक्ट टैक्स को हटा कर जीएसटी जुलाई 2017 में लागू कर दिया गया है| लेकिन अभी भी कुछ सामान पर वैट टैक्स लगाया जाता है तो आज हम टैली में वैट टैक्स एंट्री कैसे करे सिखंगे तो चलिए देखते है|
टैली में वैट टैक्स क्या है, वैट टैक्स कैसे काम करता है, और टैली में वैट टैक्स एंट्री कैसे करे
वैसे तो सारे इन डायरेक्ट टैक्स को हटा कर जीएसटी जुलाई 2017 में लागू कर दिया गया है| लेकिन अभी भी कुछ सामान पर वैट टैक्स लगाया जाता है तो आज हम टैली में वैट टैक्स एंट्री कैसे करे सिखंगे तो चलिए देखते है|
वैट टैक्स क्या है ?
वैट टैक्स भारत में 1 अप्रेल 2005 में लागू हुआ| वैट टैक्स का अर्थ है वैल्यू एडेड टैक्स अर्थात मूल्य वर्धित कर, जब भी आप कुछ खरीदी या बिक्री करेंगे तब आपको अपने लाभ का कुछ प्रतिशत सरकार को देना होता है लेकिन यदि आपका टर्नओवर पांच लाख से कम है तो आपको कोई वैट टैक्स रजिस्ट्रेशन नही करना होता है |
उदाहरण से समझते है आपने 1000 का सामान खरीदा और 1200 में बेचा आप ने 200 की वैल्यू ऐड की तब आपको 200 रूपए लाभ का कुछ प्रतिशत सरकार को देना होगा कितना पप्रतिशत ये निर्भर करता है आपके सामान पर जैसे 10% है तो १०% वैट टैक्स के हिसाब से 20 रुपये टैक्स देना होगा |
आपको कितना टैक्स चुकाना है ये आप उपर दिए दोनों तरीको में से किसी एक से निकल सकते है |
कितने प्रतिशत टैक्स लगेगा यह वस्तु पर निर्भर करता है जैसे 4%, 5%, 10%,!2%, आदि |
वैट टैक्स किस तरह से काम करता है -
एक उदहारण से समझते है २०००० का कंप्यूटर विनोद के पास है अब वह अपना प्रॉफिट जोड़कर उसे रमेश को २२००० में बेचता है तो अब यहाँ विनोद माना १०% वैट टैक्स लगता है तो रमेश, विनोद को २२०००+१०% टैक्स = 24200 देगा जिसमे से विनोद अपने पास 22000 /- रूपए रख कर 2200 रूपए का टैक्स सरकार को रमेश के नाम से जमा कर देगा तो यहाँ टैक्स रमेश ने दिया जिसे विनोद ने बस सरकार तक पहुँचाया
अब रमेश अपना प्रॉफिट जोडकर सामान सतीश को 26000/- में बेचता है तो अब रमेश उसी सामान पर १०% टैक्स लगाकर सतीश से 26000+2600 tax = 28600/- लेता है जिसमे से रमेश 26000 अपने पास रखेगा और सतीश से मिले टैक्स में से वह टैक्स भी अपने पास रख लेगा जिसे उसने विनोद को दिया था अर्थात सतीश से मिले 2600 में से विनोद को दिए 2200 काटकर रमेश सरकार को 400 रूपए जमा कर देगा तो इस तरह सरकार के पास उस सामान का 2600 टैक्स जमा हुआ जो विनोद या रमेश न जमा जोकर केवल सतीश का टैक्स जमा होता है अर्थात विनोद ने और रमेश ने जो टैक्स दिया वह टैक्स उने वापस मिल टैक्स अंत में उसी ने दिया जिसने उस सामान का उपयोग किया जैसे की सतीश|
वैट टैक्स टैली में २ तरह से लगया जाता है पहला टैक्स या तो लेजर पर या फिर स्टोक पर यदि हम टैली में केवल एकाउंट्स मेंटेन कर रहे तो हम अकाउंट/लेजर पर टैक्स लगायेंगे और यदि स्टॉक भी मेंटेन कर रहे है तब हम स्टॉक पर टैक्स लगायेंगे तो पहले हम देखते है कि स्टोक के साथ वैट टैक्स की एंट्री बिल में कैसे करते है |
टैली में वैट टैक्स कैसे लगाये -
सबसे पहले आप अपनी बनाये जिसमे आप जानकारी सही भरे जैसे कम्पनी का नाम उसक एड्रेस और डेट
इसके बाद आप टैली में फीचर्स इनेबल करेंगे जिसके टैली F11 फिर F3 दबाना होगा और Enable Value Added Tax :? YES करेंगे और साथ ही Set/Alter Vat Details :? YES कर वैट डिटेल्स भर देंगे जैसे वैट नंबर आदि
Purchase @ Vat Tax - Purchase - Vat - Appliable
Create Sales Vat Tax Ledger in Tally
Output Vat - Duties & Taxes - Type of Tax- Vat
अब आप इन्वेंटरी इन्फो में जाकर स्टॉक ग्रुप बनायेंगे स्टोक बनाते समय आपको यहाँ सामान पर लगने वाला वैट प्रतिशत डालना होगा
Invenory Info - Stock Group - Create
अब आप इस खरीदी विक्री पर लगे टैक्स का भुगतान करेंगे जिसके लिए Accounting Voucher में Payment Voucher में एंट्री करेंगे एंट्री करने से पहले कीबोर्ड पर Alt + S दबाकर vat select करेंगे और डेट सेलेक्ट करेंगे कब से कबतक का टैक्स हम जमा कर रहे है और निम्नानुसार एंट्री करेंगे
Written by Rajeev Tiwari From Bihar

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